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शम्अे – एहसास को ज़ुल्मात में जलने देना – ग़ज़ल – ओबैद आज़म आज़मी
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सूरज को निकलने देना   शम्अे - एहसास को ज़ुल्मात  में जलने
सफ़र आसान तो होगा मगर जाना नहीं अच्छा – ग़ज़ल – ओबैद आज़म आज़मी
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ग़ज़ल - ओबैद आज़म आज़मी सफ़र आसान तो होगा मगर
उर्दू की पहचान हैं हम पहचान हमारी उर्दू है– ओबैद आज़म आज़मी
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जान हमारी उर्दू है – ओबैद आज़म आज़मी साथ रही